चाड मूल के तिल (हुल्ड, 99.95% शुद्धता) के दाम मार्च 2026 के मध्य में हल्की तेजी के साथ स्थिर से मज़बूत रुझान दिखा रहे हैं, जबकि भारत और मिस्र से प्राकृतिक व हुल्ड तिल की अंतरराष्ट्रीय पेशकशों में हल्की नरमी दिख रही है। वैश्विक स्तर पर आपूर्ति सामान्य से अच्छी है, लेकिन चीन, जापान और मध्य‑पूर्व की स्थिर मांग तथा सूडान क्षेत्र की भू‑राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण दामों में नीचे की ओर सीमित गुंजाइश दिखती है।
वैश्विक तिल बाज़ार 2024–2026 के बीच उत्पादन वृद्धि और मजबूत मांग के संयोजन से संचालित हो रहा है, जिसमें अफ्रीका और एशिया दोनों की भूमिका प्रमुख है। अनुमान है कि विश्व उत्पादन 2024–2025 के लगभग 6.5–6.7 मिलियन टन स्तर से बढ़कर 2026 तक 6.9–7.1 मिलियन टन तक पहुंच सकता है, जो यह संकेत देता है कि संरचनात्मक रूप से आपूर्ति पर्याप्त रहेगी, पर मांग भी तेज़ी से बढ़ रही है। चीन के आयात पहले ही 1 मिलियन टन से ऊपर निकल चुके हैं और जापान सहित एशियाई खरीदार उच्च गुणवत्ता वाले अफ्रीकी और भारतीय तिल के लिए प्रीमियम चुकाने को तैयार हैं। चाड में तिल का उत्पादन 2023 में लगभग 2.10 लाख टन आंका गया था और यह देश के प्रमुख निर्यात उत्पादों में से एक है, जिस पर विश्व बैंक और अन्य परियोजनाओं के तहत मूल्य‑श्रृंखला निवेश बढ़ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर मौसम अत्यधिक गर्म लेकिन फिलहाल शुष्क और स्थिर है, जिससे निकट अवधि में फसल‑जोखिम सीमित दिखता है, हालांकि हीट‑स्ट्रेस और इनपुट लागतें किसानों की मार्जिन पर दबाव बनाए रखती हैं। इस पृष्ठभूमि में चाड मूल के तिल के यूरोप‑डिलीवर्ड दाम भारतीय FOB प्रस्तावों के ऊपर हल्का प्रीमियम लिए हुए हैं, और अगले तीन दिनों में इनमें हल्की, क्रमिक मजबूती की संभावना अधिक है।
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📈 मूल्य स्थिति और ताज़ा मूवमेंट
नीचे दिए गए सभी दाम अनुमानित रूप से 1 EUR = 90 INR की दर से भारतीय रुपये (INR) में परिवर्तित किए गए हैं। मूल कोटेशन EUR या USD में हो सकते हैं, लेकिन रिपोर्ट में सभी मूल्य INR में दिखाए गए हैं ताकि तुलना सरल रहे।
मुख्य स्पॉट ऑफर – चाड, भारत, मिस्र (तिल)
| उत्पत्ति | प्रकार / ग्रेड | डिलीवरी टर्म | ताज़ा मूल्य (INR/किग्रा) | पिछला मूल्य (INR/किग्रा) | साप्ताहिक परिवर्तन | बाज़ार भावना |
|---|---|---|---|---|---|---|
| चाड (मूल), लोकेशन: बर्लिन (DE) | हुल्ड, 99.95% शुद्धता | FCA | ₹139.50 | ₹135.90 | +₹3.60 (+2.6%) | हल्का तेज़ी वाला, खरीदार सतर्क |
| भारत | हुल्ड, 99.90% (साधारण) | FOB नई दिल्ली | ₹153.00 | ₹155.70 | -₹2.70 (-1.7%) | कमज़ोर से स्थिर, निर्यातक ऑफर नरम |
| भारत | हुल्ड, EU-ग्रेड 99.98% | FOB नई दिल्ली | ₹136.80 | ₹138.60 | -₹1.80 (-1.3%) | स्थिर से थोड़ा नरम |
| भारत | हुल्ड, EU-ग्रेड 99.97% | FOB नई दिल्ली | ₹135.00 | ₹136.80 | -₹1.80 (-1.3%) | स्थिर से थोड़ा नरम |
| भारत | नेचुरल, 99.95% | FOB नई दिल्ली | ₹101.70 | ₹103.50 | -₹1.80 (-1.7%) | हल्का दबाव, पर्याप्त आपूर्ति |
| भारत | नेचुरल, 99.1% | FOB नई दिल्ली | ₹100.80 | ₹101.70 | -₹0.90 (-0.9%) | स्थिर |
| भारत | रेगुलर ब्लैक, 99.90% | FOB नई दिल्ली | ₹197.10 | ₹193.50 | +₹3.60 (+1.9%) | मज़बूत, निच सप्लाई टाइट |
| भारत | सेमी Z ब्लैक, 99.95% | FOB नई दिल्ली | ₹233.10 | ₹236.70 | -₹3.60 (-1.5%) | थोड़ा नरम |
| भारत | सुपर Z ब्लैक, 99.95% | FOB नई दिल्ली | ₹243.00 | ₹248.40 | -₹5.40 (-2.2%) | प्रॉफिट‑टेकिंग, पर कुल मिलाकर ऊँचा स्तर |
| मिस्र | नेचुरल, 99% | FOB काहिरा | ₹141.30 | ₹144.00 | -₹2.70 (-1.9%) | थोड़ी नरमी, इम्पोर्ट कॉन्ट्रैक्शन का असर |
| मिस्र | नेचुरल गोल्डन, 99.5% | FOB काहिरा | ₹186.30 | ₹189.00 | -₹2.70 (-1.4%) | प्रीमियम ग्रेड पर भी हल्का प्रेशर |
नोट: चाड मूल FCA बर्लिन ऑफर 16 मार्च 2026 की ताज़ा कोटेशन (1.55 EUR/kg) पर आधारित है; भारत और मिस्र के ऑफर 14 मार्च 2026 तक के नवीनतम डेटा पर आधारित हैं। रूपांतरण दर अनुमानित है और केवल तुलनात्मक विश्लेषण के लिए प्रयुक्त की गई है।
🌍 आपूर्ति, मांग और व्यापार प्रवाह
- चाड में तिल का उत्पादन 2023 में लगभग 2,10,000 टन आंका गया है, और तिल देश के कुल कृषि निर्यात मूल्य का लगभग दो‑तिहाई हिस्सा बनाता है, जिससे यह प्रमुख विदेशी मुद्रा अर्जक फसल है।
- विश्व स्तर पर तिल उत्पादन 2024–2025 में लगभग 6.5–6.7 मिलियन टन के आसपास रहा और 2026 तक 6.9–7.1 मिलियन टन तक बढ़ने का अनुमान है, जबकि चीन के आयात 1 मिलियन टन से ऊपर पहुंच चुके हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय कीमतों को आधार समर्थन मिलता है।
- मिस्र का तिल बाज़ार 2024–2025 में संकुचन की ओर रहा है, जहां आयात मूल्य में लगभग 20% और मात्रा में करीब 10–11% की गिरावट दर्ज की गई, और सूडान से आपूर्ति पर निर्भरता के कारण वैकल्पिक स्रोतों (भारत, चाड, नाइजीरिया आदि) की तलाश बढ़ रही है।
- भारत प्रीमियम हुल्ड और ऑर्गेनिक तिल का प्रमुख निर्यातक बना हुआ है; 2025–2026 में FOB नई दिल्ली/नहावा शेवा से निर्यात दाम वैश्विक मांग के बावजूद प्रतिस्पर्धी बने हुए हैं, जिससे अफ्रीकी मूलों पर मूल्य दबाव सीमित है लेकिन उन्हें उच्च गुणवत्ता और ट्रेसबिलिटी के माध्यम से प्रीमियम बनाए रखना पड़ रहा है।
- चाड से तिल निर्यात में निजी कंपनियां (जैसे CCSC) और अंतरराष्ट्रीय विकास परियोजनाएं (विश्व बैंक ProAGRI) मिलकर वैल्यू‑चेन सुधार और क्लाइमेट‑रेज़िलिएंट तकनीकें ला रही हैं, जिससे मध्यम अवधि में उत्पादन और निर्यात क्षमता दोनों बढ़ने की संभावना है।
📊 मौलिक कारक और बाज़ार ड्राइवर
- वैश्विक मांग: हेल्दी ऑयल्स, स्नैक फूड्स और बेकरी में तिल की खपत बढ़ने से विशेषकर एशिया (चीन, जापान, कोरिया) और मध्य‑पूर्व में स्थिर से बढ़ती मांग दिख रही है। इससे अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेज गिरावट की संभावना सीमित रहती है।
- अफ्रीकी आपूर्ति: चाड, सूडान, नाइजीरिया और इथियोपिया जैसे देशों से आपूर्ति कुल मिलाकर संतोषजनक है, लेकिन सूडान क्षेत्र में संघर्ष और लॉजिस्टिक व्यवधान समय‑समय पर प्रीमियम अफ्रीकी तिल पर जोखिम‑प्रीमियम बढ़ा देते हैं।
- मिस्र और उत्तर अफ्रीका: मिस्र का घरेलू उत्पादन अभी भी घरेलू मांग से काफी कम है, जिससे वह आयात पर निर्भर रहता है; हालांकि 2024–2025 में आयात घटे हैं, लेकिन मिस्री निर्यात मूल्य में दीर्घकालिक वृद्धि दिखती है, जो उच्च गुणवत्ता वाले तिल के लिए बेहतर नेटबैक का संकेत है।
- भारत की प्रतिस्पर्धा: भारतीय तिल के FOB दाम हाल के महीनों में थोड़ा नरम हुए हैं, आंशिक रूप से अच्छी फसल और प्रतिस्पर्धी निर्यातकों के कारण; इससे यूरोपीय खरीदारों को चाड/सूडान जैसे अफ्रीकी मूलों और भारत के बीच सक्रिय स्विचिंग की गुंजाइश मिलती है।
- वित्तपोषण और नीतिगत समर्थन (चाड): विश्व बैंक की 2024 की ProAGRI परियोजना और अन्य कार्यक्रम तिल व ग्राउंडनट जैसी ऑयलसीड फसलों के लिए उन्नत बीज, सिंचाई और मार्केट‑लिंक प्रदान कर रहे हैं, जो मध्यम अवधि में उत्पादन वृद्धि और बेहतर गुणवत्ता के रूप में परिलक्षित हो सकते हैं।
🌦 मौसम परिदृश्य – चाड (अगले 3 दिन)
एन’जामेना और आस‑पास के प्रमुख तिल उत्पादक क्षेत्रों में 17–19 मार्च 2026 के दौरान मौसम सामान्य से अधिक गर्म और शुष्क रहने का अनुमान है। अधिकतम तापमान 39–43°C के बीच और न्यूनतम 20–23°C के आसपास रहने की संभावना है, बादल कम और वर्षा नगण्य रहेगी।
- उच्च तापमान के कारण मिट्टी की नमी तेजी से घट सकती है, लेकिन वर्तमान अवधि अधिकांश क्षेत्रों में मुख्य बुवाई/कटाई विंडो के बाहर है, इसलिए तत्काल पैदावार‑जोखिम सीमित है।
- तेज़ गर्मी के चलते खेत मजदूरों की उत्पादकता और लॉजिस्टिक्स (लोडिंग/अनलोडिंग) पर कुछ प्रभाव पड़ सकता है, जिससे आंतरिक ट्रांसपोर्ट कॉस्ट में हल्की वृद्धि संभव है।
- यदि आने वाले हफ्तों में भी इसी तरह की गर्मी और वर्षा‑कमी बनी रहती है, तो अगली बुवाई सीज़न के लिए मिट्टी की नमी और इनपुट‑कास्ट पर असर दिख सकता है, जो 2026/27 की फसल अपेक्षाओं के लिए निगरानी योग्य है।
📉 तुलनात्मक मूल्य‑स्थिति – चाड बनाम भारत व मिस्र
1 EUR = 90 INR मानकर, चाड मूल FCA बर्लिन हुल्ड तिल का ताज़ा दाम लगभग ₹139.50/kg बैठता है, जो भारतीय EU‑ग्रेड हुल्ड (₹135–137/kg) से थोड़ा ऊपर और साधारण भारतीय हुल्ड (₹153/kg) से नीचे है। मिस्री नेचुरल तिल FOB काहिरा ₹141–186/kg की रेंज में है, जहां गोल्डन ग्रेड प्रीमियम पर ट्रेड होता है।
- चाड मूल के लिए यूरोपीय खरीदारों को लॉजिस्टिकली निकट आपूर्ति, अफ्रीकी ऑरिजिन प्रीमियम और FCA बर्लिन डिलीवरी का लाभ मिलता है, जिससे FOB भारत की तुलना में नेट‑डिलीवर्ड कॉस्ट प्रतिस्पर्धी रह सकती है।
- भारत से FOB ऑफर में हाल की नरमी चाड मूल पर ऊपरी सीमा लगा रही है; यदि भारतीय दाम में और गिरावट आती है, तो यूरोपीय खरीदार कुछ वॉल्यूम भारत की ओर स्विच कर सकते हैं, जिससे चाड ऑफर पर डिस्काउंट या कम से कम स्थिरता की आवश्यकता होगी।
- मिस्र में आयात‑संकुचन और सूडानी आपूर्ति‑जोखिम के कारण मिस्री तिल के निर्यात दाम दीर्घकालिक रूप से बढ़े हैं, लेकिन वर्तमान में FOB स्तर पर भारतीय और चाड मूल के मुकाबले अपेक्षाकृत महंगे दिखते हैं।
📆 अल्पकालिक मूल्य‑पूर्वानुमान (3 दिन, INR आधार)
अगले तीन कारोबारी दिनों (17–19 मार्च 2026) के लिए, वैश्विक फंडामेंटल और क्षेत्रीय मौसम को देखते हुए, बड़े उतार‑चढ़ाव की संभावना कम है। भारतीय ऑफर में हाल की नरमी और चाड में स्थिर मौसम के बीच, चाड मूल FCA बर्लिन ऑफर में हल्की मजबूती या साइडवेज़ मूवमेंट की अधिक संभावना है।
| तारीख | उत्पत्ति / ग्रेड | डिलीवरी | अनुमानित दायरा (INR/किग्रा) | अपेक्षित रुझान |
|---|---|---|---|---|
| 17 मार्च 2026 | चाड – हुल्ड 99.95% | FCA बर्लिन | ₹138–141 | स्थिर से हल्की तेजी |
| 18 मार्च 2026 | चाड – हुल्ड 99.95% | FCA बर्लिन | ₹139–142 | हल्की तेजी, सीमित नया ऑफर |
| 19 मार्च 2026 | चाड – हुल्ड 99.95% | FCA बर्लिन | ₹139–143 | स्थिर से मज़बूत, खरीदारों की चयनात्मक बिडिंग |
डिस्क्लेमर: ऊपर दिए गए सभी पूर्वानुमान केवल उपलब्ध सार्वजनिक सूचनाओं, मौसम‑डेटा और हालिया मूल्य‑ट्रेंड पर आधारित अनुमान हैं। वास्तविक दाम डील‑टर्म, मात्रा, गुणवत्ता और फ्रेट‑शर्तों के अनुसार भिन्न हो सकते हैं।
📌 ट्रेडिंग आउटलुक – व्यावहारिक संकेत
- यूरोपीय खरीदार (इम्पोर्टर्स/रोस्टर्स): चाड मूल FCA बर्लिन ऑफर वर्तमान में भारतीय EU‑ग्रेड के ऊपर हल्का प्रीमियम लिए हुए हैं, लेकिन लॉजिस्टिक लाभ और अफ्रीकी ऑरिजिन‑मिश्रण की आवश्यकता को देखते हुए अल्पकालिक कवरेज (1–2 महीने) के लिए आंशिक खरीद उचित लगती है।
- भारतीय आपूर्तिकर्ता: FOB दामों में हाल की नरमी के मद्देनज़र, गुणवत्ता‑डिफरेंशियल और EU‑रेज़िड्यू अनुपालन पर जोर देकर प्रीमियम सेगमेंट में हिस्सेदारी बनाए रखना आवश्यक होगा; आक्रामक डिस्काउंटिंग से वैश्विक स्तर पर तिल बाज़ार में समग्र दबाव बढ़ सकता है।
- चाड के निर्यातक: वर्तमान स्तर पर FCA बर्लिन ऑफर को स्थिर रखते हुए, केवल प्रीमियम ग्रेड और ट्रेसबिलिटी‑समर्थ बैचों पर हल्की प्राइस‑हाइक आज़माना व्यावहारिक होगा; साथ ही, मिस्र और मध्य‑पूर्व के लिए वैकल्पिक रूट्स विकसित करने से सूडान‑संबंधित जोखिमों को संतुलित किया जा सकता है।
- स्पेकुलेटिव/ट्रेड हाउस: वैश्विक स्तर पर उत्पादन वृद्धि और मजबूत मांग के बीच, बड़े बुलिश दांव की बजाय स्प्रेड‑ट्रेड (अफ्रीकी बनाम भारतीय मूल, नेचुरल बनाम हुल्ड) अधिक उपयुक्त दिखते हैं; निकट अवधि में तेज गिरावट पर सीमित खरीद और तेज़ी पर प्रॉफिट‑टेकिंग की रणनीति उपयोगी रह सकती है।







