अजमोद (सेलेरी सीड) के भारतीय निर्यात बाज़ार में फिलहाल दाम स्थिर हैं, लेकिन मौसम में गर्मी की तेज़ शुरुआत, सीमित बुवाई क्षेत्र और यूरोप व मध्य‑पूर्व से धीरे‑धीरे सुधरती मांग मिलकर आने वाले हफ्तों में हल्की मजबूती का आधार बना रहे हैं। नई दिल्ली FOB पर 99% शुद्धता वाले पूरे सेलेरी बीज के लिए ताज़ा ऑफ़र 14 मार्च 2026 तक लगातार चौथे हफ्ते 1.35 INR/kg पर स्थिर हैं, जबकि फरवरी के तीसरे सप्ताह में 1.37 INR/kg से हल्की नरमी आई थी। यह पैटर्न दिखाता है कि बाज़ार में न तो तेज़ बिकवाली का दबाव है और न ही अभी तक कोई आक्रामक शॉर्ट‑कवरिंग या स्टॉक‑बिल्ड‑अप दिख रहा है। भारत, जो विश्व सेलेरी सीड ऑयल उत्पादन का लगभग आधा और बीज‑आधारित उत्पादों के निर्यात में अग्रणी आपूर्तिकर्ता है, घरेलू स्तर पर अपेक्षाकृत छोटे लेकिन स्थिर उत्पादन आधार पर निर्भर है।
उत्तर भारत—विशेष रूप से हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के हिस्से—सेलेरी बीज उत्पादन के प्रमुख क्षेत्र हैं। हाल के दिनों में IMD और स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार दिल्ली और आसपास के मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से 7–10°C ऊपर, 36–38°C तक पहुँच गया है और मौसम शुष्क बना हुआ है, जिससे रबी सीज़न की अंतिम नमी प्रबंधन और बीज‑भराव (seed fill) पर दबाव पड़ सकता है। हालांकि, मार्च के मध्य तक किसी व्यापक वर्षा या ओलावृष्टि की चेतावनी नहीं है, जिससे कटाई‑पश्चात गतिविधियाँ अपेक्षाकृत सुचारु रहने की संभावना है। वैश्विक स्तर पर, इंडियन स्पाइसेज़ बोर्ड और हाल की बाज़ार रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि भारत सेलेरी और अन्य बीज मसालों के निर्यात में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रहा है, जबकि यूरोप और पश्चिम एशिया में स्वास्थ्य‑उन्मुख उपभोग और प्रोसेस्ड फूड इंडस्ट्री की मांग स्थिर से हल्की मज़बूत बनी हुई है। इस पृष्ठभूमि में, वर्तमान कीमतें निर्यातकों के लिए अपेक्षाकृत आकर्षक स्तर पर हैं, लेकिन सीमित तरलता और मौसम‑जोखिम को देखते हुए खरीद‑फरोख्त में चयनात्मक और चरणबद्ध रणनीति अधिक उपयुक्त दिखती है।
📈 कीमतें (Prices)
1️⃣ ताज़ा FOB न्यू दिल्ली सेलेरी सीड दाम (INR में)
| तारीख | उत्पाद | ग्रेड / शुद्धता | मूल स्थान | डिलीवरी शर्त | ताज़ा दाम (INR/kg) | पिछला दाम (INR/kg) | साप्ताहिक बदलाव (%) | बाज़ार भावनाएँ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 2026-03-14 | सेलेरी बीज (पूरे) | 99% गैर‑ऑर्गेनिक | भारत (IN) | FOB नई दिल्ली | 1.35 | 1.35 | 0.0% | स्थिर / हल्का मजबूती‑पक्षीय |
| 2026-03-07 | सेलेरी बीज (पूरे) | 99% गैर‑ऑर्गेनिक | भारत (IN) | FOB नई दिल्ली | 1.35 | 1.35 | 0.0% | स्थिर |
| 2026-02-28 | सेलेरी बीज (पूरे) | 99% गैर‑ऑर्गेनिक | भारत (IN) | FOB नई दिल्ली | 1.35 | 1.37 | -1.5% | हल्का कमजोर, बाद में स्थिर |
| 2026-02-21 | सेलेरी बीज (पूरे) | 99% गैर‑ऑर्गेनिक | भारत (IN) | FOB नई दिल्ली | 1.35 | 1.37 | -1.5% | नरमी का आरंभ |
| 2026-02-14 | सेलेरी बीज (पूरे) | 99% गैर‑ऑर्गेनिक | भारत (IN) | FOB नई दिल्ली | 1.37 | 1.37 | 0.0% | स्थिर, ऊपरी स्तर |
- फ़रवरी मध्य से मार्च मध्य 2026 के बीच कुल गिरावट लगभग 1.5% है, जो सीमित लेकिन उल्लेखनीय सुधार (correction) को दर्शाती है।
- पिछले तीन साप्ताहिक अपडेट में दाम 1.35 INR/kg पर स्थिर रहे हैं, जो वर्तमान स्तर पर संतुलित मांग‑आपूर्ति का संकेत है।
🌍 आपूर्ति एवं मांग (Supply & Demand)
2️⃣ भारत की उत्पादन एवं निर्यात स्थिति
- राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड और शोध प्रकाशनों के अनुसार, भारत विश्व सेलेरी सीड ऑयल उत्पादन का लगभग 50% और सेलेरी बीज‑आधारित उत्पादों के प्रमुख निर्यातकों में से एक है।
- सेलेरी मुख्यतः उत्तर भारत (हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों) में बीज मसालों के रूप में उगाई जाती है और घरेलू खपत की तुलना में निर्यात‑उन्मुख फसल मानी जाती है।
- स्पाइस बोर्ड की हालिया वार्षिक रिपोर्ट संकेत देती है कि बीज मसालों (जैसे जीरा, धनिया, सौंफ, सेलेरी) के निर्यात में भारत की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है, जिससे सेलेरी बीज के लिए भी स्थिर से हल्की मज़बूत निर्यात मांग का समर्थन मिलता है।
3️⃣ वैश्विक माँग और व्यापार प्रवाह
- यूरोप और मध्य‑पूर्व के आयातक—विशेष रूप से प्रोसेस्ड फूड, स्नैक, सीज़निंग और न्यूट्रास्यूटिकल इंडस्ट्री—भारत से उच्च सुगंध और तेल‑सामग्री वाले सेलेरी बीज और पाउडर की आपूर्ति पर निर्भर हैं।
- सेलेरी सीड एक्सट्रैक्ट और संबंधित उत्पादों के लिए वैश्विक बाज़ार में भारत की हिस्सेदारी लगभग 40% के आसपास आंकी गई है, जो प्रतिस्पर्धी लागत और स्थापित प्रोसेसिंग क्षमता के कारण है।
- यूरोप में स्वास्थ्य‑उन्मुख उत्पादों और क्लीन‑लेबल सीज़निंग की माँग बढ़ने से मध्यम अवधि में भारतीय सेलेरी बीज निर्यात के लिए सकारात्मक पृष्ठभूमि बनती है।
📊 बुनियादी कारक (Fundamentals)
4️⃣ प्रमुख ड्राइवर: मौसम, क्षेत्रफल, स्टॉक
- मौसम: IMD और हाल की रिपोर्टों के अनुसार, उत्तर‑पश्चिम और मध्य भारत में अधिकतम तापमान सामान्य से 2–3°C ऊपर चल रहा था और मार्च के दूसरे सप्ताह तक यह विचलन 7–10°C तक बढ़ गया, विशेष रूप से दिल्ली और आसपास के मैदानी क्षेत्रों में।
- IMD के उप‑विभागीय पूर्वानुमान और क्षेत्रीय केंद्र (नागपुर) के बुलेटिन से संकेत मिलता है कि 15–18 मार्च 2026 के बीच हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान और मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है; कहीं‑कहीं हल्के तूफ़ान/बिजली की गतिविधि संभव है पर व्यापक वर्षा का पूर्वानुमान नहीं है।
- शुष्क और गर्म परिस्थितियाँ कटाई‑पश्चात सूखाई और भंडारण के लिए अनुकूल हैं, लेकिन यदि तापमान सामान्य से लगातार बहुत ऊपर रहता है, तो देर से खड़ी फसल में बीज‑भराव और तेल‑सामग्री पर हल्का नकारात्मक असर पड़ सकता है।
- क्षेत्रफल: बीज मसालों पर केंद्रित हालिया अध्ययन दर्शाते हैं कि किसानों ने पिछले वर्षों की तुलना में जीरा, धनिया और सौंफ जैसे अधिक लाभकारी विकल्पों की ओर झुकाव बढ़ाया है, जिससे सेलेरी का सापेक्ष क्षेत्रफल बहुत तेज़ी से नहीं बढ़ रहा।
- स्टॉक: सेलेरी अपेक्षाकृत छोटा लेकिन उच्च मूल्य वाला निच बाज़ार है; निर्यातकों और प्रोसेसरों के पास सीमित परिचालन स्टॉक रखे जाने की संभावना है, जिससे किसी भी आपूर्ति‑धक्का की स्थिति में दाम तेजी से प्रतिक्रिया कर सकते हैं।
🌦 मौसम परिदृश्य – भारत (IN फोकस)
5️⃣ उत्तर भारत एवं मध्य भारत – 3–7 दिन का मौसम प्रभाव
- IMD के हालिया बुलेटिन और क्षेत्रीय पूर्वानुमान के अनुसार, 15–18 मार्च 2026 के दौरान:
- हरियाणा, चंडीगढ़ एवं दिल्ली: मुख्यतः शुष्क मौसम; किसी बड़े वर्षा‑प्रणाली की संभावना नहीं।
- पंजाब: अधिकांश दिनों में शुष्क/आंशिक बादल; केवल छिटपुट गरज‑चमक की संभावना।
- राजस्थान (पश्चिम एवं पूर्व): शुष्क और अधिक गर्म; कुछ हिस्सों में लू‑जैसी स्थितियाँ संभव।
- मध्य प्रदेश: नागपुर क्षेत्रीय केंद्र के अनुसार 18–20 मार्च तक सूखा मौसम जारी रहने की संभावना।
- फसल पर संभावित प्रभाव:
- कटाई‑पश्चात सूखाई, सफाई और ग्रेडिंग के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ; नमी‑सम्बंधित फफूंद और गुणवत्ता‑हानि का जोखिम सीमित।
- तेज़ गर्मी के कारण देर से काटी जाने वाली फसल में हल्का वज़न‑हानि (shrinkage) और तेल‑सामग्री में मामूली कमी संभव, जिससे उच्च गुणवत्ता वाले बैचों की आपूर्ति अपेक्षाकृत तंग रह सकती है।
📉 हालिया रुझान एवं भावना
6️⃣ मूल्य प्रवृत्ति (Trend) का सार
- फ़रवरी मध्य 2026: FOB नई दिल्ली दाम ~1.37 INR/kg – ऊपरी स्तर पर स्थिर।
- फ़रवरी तीसरा–चौथा सप्ताह: हल्की नरमी, दाम 1.35 INR/kg तक फिसले (लगभग 1.5% सुधार)।
- मार्च प्रथम–द्वितीय सप्ताह: 1.35 INR/kg पर लगातार स्थिर; ट्रेडिंग वॉल्यूम सीमित, पर बिकवाली दबाव नहीं।
- समग्र भावना: “स्थिर से हल्का मजबूती‑पक्षीय” – आपूर्ति‑पक्ष से बड़े नकारात्मक समाचार नहीं; मांग धीरे‑धीरे सामान्य, पर अभी तेज़ नहीं।
📆 अल्पकालिक दृष्टिकोण एवं 3‑दिन क्षेत्रीय मूल्य पूर्वानुमान
7️⃣ 3‑दिन क्षेत्रीय मूल्य पूर्वानुमान (IN, FOB नई दिल्ली – सेलेरी बीज 99%)
ध्यान दें: नीचे दिए गए सभी दाम अनुमानित हैं और वर्तमान 1.35 INR/kg स्तर, मौसम‑जोखिम, निर्यात मांग और सामान्य मसाला‑बाज़ार भावना को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं।
| तारीख | स्थान / बाज़ार | उत्पाद | अनुमानित दाम रेंज (INR/kg, FOB) | दिशा | टिप्पणी |
|---|---|---|---|---|---|
| 2026-03-16 | नई दिल्ली (IN) | सेलेरी बीज 99% पूरे | 1.34 – 1.36 | स्थिर | शुष्क मौसम, सामान्य निर्यात पूछताछ; दाम मौजूदा स्तर के आसपास। |
| 2026-03-17 | नई दिल्ली (IN) | सेलेरी बीज 99% पूरे | 1.34 – 1.37 | स्थिर से हल्का ऊपर | सीमित ताज़ा आपूर्ति; अच्छी गुणवत्ता पर हल्का प्रीमियम संभव। |
| 2026-03-18 | नई दिल्ली (IN) | सेलेरी बीज 99% पूरे | 1.35 – 1.38 | हल्का मजबूती‑पक्षीय | निर्यात बुकिंग बढ़ने पर ऊपरी रेंज की ओर झुकाव; मौसम‑जोखिम सीमित। |
📌 ट्रेडिंग आउटलुक (संक्षिप्त बिंदु)
- निर्यातक (Exporters):
- 1.34–1.35 INR/kg के आसपास चरणबद्ध कवरेज (कॉन्ट्रैक्टेड सेल्स के विरुद्ध खरीद) पर विचार किया जा सकता है।
- उच्च गुणवत्ता / उच्च तेल‑कंटेंट बैचों के लिए 1.37–1.38 INR/kg तक सीमित प्रीमियम स्वीकार्य, यदि यूरोप / मध्य‑पूर्व से स्पष्ट मांग हो।
- आयातक / अंतरराष्ट्रीय खरीदार:
- वर्तमान स्तर भारतीय आपूर्ति के लिए ऐतिहासिक रूप से तटस्थ से थोड़ा आकर्षक हैं; निकट अवधि में तेज़ गिरावट की संभावना कम दिखती है।
- 3–6 महीने की आवश्यकताओं के लिए आंशिक बुकिंग, शेष मात्रा को मौसम और नई फसल की गुणवत्ता‑संकेतों के आधार पर चरणबद्ध करना व्यावहारिक रणनीति हो सकती है।
- घरेलू ट्रेडर / स्टॉकिस्ट:
- सीमित तरलता और निच बाज़ार प्रकृति को देखते हुए अत्यधिक लीवरेज से बचें; केवल फिजिकल‑बैक्ड (भौतिक स्टॉक के साथ) पोज़िशनिंग उपयुक्त।
- तेज़ गर्मी और किसी संभावित स्थानीय मौसम‑धक्का (ओलावृष्टि, असामान्य वर्षा) की स्थिति में उच्च गुणवत्ता वाले स्टॉक पर त्वरित प्रीमियम‑बिक्री के अवसर बन सकते हैं।



