चना अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में फरवरी के मध्य से मार्च 2026 के मध्य तक लगातार हल्की नरमी के साथ ट्रेड हो रहा है, लेकिन भारत और मेक्सिको – दोनों ही प्रमुख निर्यात क्षेत्रों में फंडामेंटल अभी भी मज़बूत बने हुए हैं। भारत में रबी 2025‑26 के लिए सरकारी दूसरी अग्रिम अनुमान के अनुसार चना (देसी चना + कुछ हद तक कबूली) का उत्पादन 117.92 लाख टन आँका गया है, जो पिछले साल के 111.14 लाख टन से अधिक है, यानी आपूर्ति पक्ष पर दबाव बनाने के लिए पर्याप्त पैदावार उपलब्ध है। इसके साथ ही सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को 5,650 से बढ़ाकर 5,875 रुपये प्रति क्विंटल करने से किसानों के लिए प्रोत्साहन बढ़ा है, जिससे रबी क्षेत्र में चना बोवाई में साल-दर‑साल लगभग 2–3% की वृद्धि दिख रही है। इन संकेतों के बीच दिल्ली व उत्तर भारत में मार्च की शुरुआत से ही तापमान सामान्य से 5–8°C ऊपर चल रहा है, जिससे फसल की अंतिम भराव अवस्था तेजी से पूरी हो रही है और जल्द कटाई की संभावना बन रही है; इससे अल्पावधि में मंडियों पर आपूर्ति का दबाव और FOB ऑफ़र में नरमी दिख सकती है।
मेक्सिको में Sinaloa व आसपास के क्षेत्रों में चना (मुख्यतः बड़े दाने वाला कबूली) की कटाई/मार्केटिंग का दौर चल रहा है। वहाँ की जलवायु आम तौर पर गर्म अर्द्ध‑शुष्क है और मार्च में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क और गर्म रहता है, जो कटाई व लॉजिस्टिक के लिए अनुकूल है और FOB ऑफ़र पर सप्लाई‑साइड सपोर्ट देता है। दिए गए FOB डेटा के अनुसार, मेक्सिको सिटी से 42‑44 काउंट (12 मिमी) कबूली चना की कीमतें 14 फरवरी 2026 को लगभग 1.40 USD/kg (लगभग 129 INR/kg) से फिसलकर 14 मार्च को 1.30 USD/kg (करीब 120 INR/kg) पर आ गई हैं, जबकि 8 मिमी छोटे काउंट की दरें इसी अवधि में लगभग 0.90 से 0.83–0.85 USD/kg (लगभग 76–78 INR/kg) तक नरम हुई हैं। भारत के लिए नई दिल्ली FOB ऑफ़र में भी 42‑44 काउंट 12 मिमी क्वालिटी 1.04 USD/kg (करीब 96 INR/kg) से घटकर 0.97 USD/kg (करीब 89–90 INR/kg) तक आई है। यह गिरावट मुख्यतः नई फसल की आवक, उच्च उत्पादन अनुमान और घरेलू MSP‑समर्थित फर्श के ऊपर निर्यातकों द्वारा प्रतिस्पर्धी कोटेशन देने की रणनीति का नतीजा है। कुल मिलाकर, भारत और मेक्सिको दोनों से FOB ऑफ़र पिछले एक महीने में क्रमिक रूप से नीचे आए हैं, लेकिन MSP, घरेलू मांग और वैश्विक प्रोटीन‑समृद्ध दालों की दीर्घकालिक मांग को देखते हुए, यह सुधार अभी तक केवल तकनीकी/मौसमी करेक्शन के रूप में दिख रहा है, न कि किसी दीर्घकालिक मंदी के संकेत के रूप में।
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📈 कीमतें (INR में FOB रुझान)
भारत – नई दिल्ली FOB (मुद्रा: भारतीय रुपये प्रति किलोग्राम, अनुमानित 1 USD ≈ 92 INR)
| तारीख | उत्पत्ति | ग्रेड / काउंट | डिलीवरी | कीमत (USD/kg) | कीमत (INR/kg, FOB) | साप्ताहिक बदलाव (INR/kg) | भावना |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 14 मार्च 2026 | भारत (IN) | 42‑44 काउंट, 12 मिमी | FOB नई दिल्ली | 1.00 → 0.97 | 96.0 → 89.2 | −6.8 | कमज़ोर / मंदड़िया |
| 14 मार्च 2026 | भारत (IN) | 44‑46 काउंट, 11 मिमी | FOB नई दिल्ली | 0.97 → 0.94 | 89.2 → 86.5 | −2.7 | कमज़ोर |
| 14 मार्च 2026 | भारत (IN) | 46‑48 काउंट, 10 मिमी | FOB नई दिल्ली | 0.94 → 0.91 | 86.5 → 83.7 | −2.8 | कमज़ोर |
| 14 मार्च 2026 | भारत (IN) | 58‑60 काउंट, 9 मिमी | FOB नई दिल्ली | 0.90 → 0.87 | 82.8 → 80.0 | −2.8 | कमज़ोर |
| 14 मार्च 2026 | भारत (IN) | 60‑62 काउंट, 8 मिमी | FOB नई दिल्ली | 0.88 → 0.85 | 80.9 → 78.2 | −2.7 | कमज़ोर |
मेक्सिको – मेक्सिको सिटी FOB (मुद्रा: भारतीय रुपये प्रति किलोग्राम, अनुमानित 1 USD ≈ 92 INR)
| तारीख | उत्पत्ति | ग्रेड / काउंट | डिलीवरी | कीमत (USD/kg) | कीमत (INR/kg, FOB) | साप्ताहिक बदलाव (INR/kg) | भावना |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 14 मार्च 2026 | मेक्सिको (MX) | 42‑44 काउंट, 12 मिमी | FOB मेक्सिको सिटी | 1.33 → 1.30 | 122.4 → 119.6 | −2.8 | कमज़ोर / मंदड़िया |
| 14 मार्च 2026 | मेक्सिको (MX) | 75‑80 काउंट, 8 मिमी | FOB मेक्सिको सिटी | 0.85 → 0.83 | 78.2 → 76.4 | −1.8 | कमज़ोर |
- भारत में सभी ग्रेड पर 21 फरवरी से 14 मार्च के बीच लगभग 6–15% की गिरावट।
- मेक्सिको में प्रीमियम बड़े दाने (12 मिमी) अभी भी भारत से लगभग 30–35 INR/kg महंगे हैं।
- छोटे दाने (8–9 मिमी) में भारत और मेक्सिको के FOB स्तर अब काफी नज़दीक हैं (लगभग 76–80 INR/kg)।
🌍 आपूर्ति, माँग और व्यापार प्रवाह
भारत (IN)
- उत्पादन: कृषि मंत्रालय के नवीनतम दूसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार 2025‑26 में चना उत्पादन 117.92 लाख टन अनुमानित, जो पिछले वर्ष 111.14 लाख टन से अधिक है – यानी ~6% वृद्धि।
- लंबी अवधि में, चना भारत की कुल दाल उत्पादन का लगभग 40–50% योगदान देता है; 2023‑24 तक के आँकड़ों में इसे प्रमुख पल्स फ़सल के रूप में दिखाया गया है।
- रबी 2025‑26 में चना बोवाई क्षेत्र में लगभग 2% वर्ष‑दर‑वर्ष वृद्धि रिपोर्ट की गई, जो MSP वृद्धि और अपेक्षाकृत बेहतर कीमतों का परिणाम है।
- MSP: सरकार ने चना MSP 5,650 से बढ़ाकर 5,875 INR/क्विंटल किया, जिससे किसानों के लिए फर्श मूल्य मजबूत हुआ और घरेलू बाज़ार में नीचे की ओर सीमित गुंजाइश बन रही है।
- घरेलू माँग: चना दाल, बेसन और स्नैक्स उद्योग में स्थिर से हल्की बढ़ती खपत; शहरी क्षेत्रों में प्रोटीन‑समृद्ध शाकाहारी विकल्पों की लोकप्रियता इस ट्रेंड को सपोर्ट कर रही है।
- निर्यात: गुजरात समेत पश्चिमी भारत से कबूली चना के लिए निर्यात‑उन्मुख स्टॉक की उपलब्धता के संकेत मिल रहे हैं; हाल के सप्ताहों में कारोबारियों द्वारा सोशल प्लेटफॉर्म्स पर स्टॉक ऑफ़र देखे गए हैं, जो नई फसल के बाद निर्यात बिक्री बढ़ने की ओर इशारा करते हैं।
मेक्सिको (MX)
- भूमिका: मेक्सिको बड़े दाने वाले कबूली चना का प्रमुख निर्यातक है, जो भूमध्यसागरीय और मध्य‑पूर्वी बाज़ारों के लिए प्रतिस्पर्धा करता है।
- उत्पादन केंद्र: Sinaloa, Sonora आदि राज्यों में मार्च के आसपास कटाई और निर्यात शिपमेंट सक्रिय रहते हैं; शुष्क और गर्म मौसम लॉजिस्टिक्स को सपोर्ट करता है।
- FOB दबाव: 42‑44 काउंट प्रीमियम ग्रेड में भी पिछले एक महीने में लगभग 5–7% की नरमी दिख रही है, जो वैश्विक खरीदारों की सौदेबाजी और भारत से प्रतिस्पर्धी ऑफ़र के कारण है।
📊 फंडामेंटल और बाज़ार चालक
- उत्पादन अनुमान (भारत): 2025‑26 में उच्च उत्पादन अनुमान (117.92 लाख टन) FOB और घरेलू दोनों बाज़ारों पर दबाव डाल रहे हैं, विशेषकर नई फसल की कटाई के समय।
- MSP नीति: MSP में बढ़ोतरी किसानों के लिए सुरक्षा प्रदान करती है, परंतु निर्यातकों को FOB ऑफ़र देते समय MSP से ऊपर प्रतिस्पर्धी मार्जिन रखना पड़ता है; यह अंतर अभी सीमित है, जिससे FOB में तेज गिरावट की संभावना कम है।
- वैश्विक उत्पादन: हाल के वर्षों में ऑस्ट्रेलिया, रूस और कुछ भूमध्यसागरीय देशों ने कबूली चना उत्पादन बढ़ाया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में प्रतिस्पर्धा बढ़ी और मेक्सिको‑भारत दोनों पर प्राइस‑प्रेशर बना।
- मौसम और जलवायु जोखिम: 2024 की गंभीर हीटवेव और 2025 तक रिकॉर्ड‑निकट गर्मी के बाद, 2026 में भी IMD और अन्य स्रोतों ने उच्च तापमान की चेतावनी दी है; मार्च 2026 में दिल्ली में 35–36°C तक तापमान पहुँच चुका है, जो फूल‑फलन और दाने भराव पर असर डाल सकता था, लेकिन चना फसल का अधिकांश भाग पहले ही परिपक्व अवस्था में था, इसलिए बड़े नुकसान की रिपोर्ट नहीं है।
- स्पेकुलेटिव पोज़िशनिंग: भारत में चना वायदा (NCDEX आदि) पर ताज़ा आँकड़े सार्वजनिक स्रोतों पर सीमित हैं, परंतु हालिया रिपोर्टों के अनुसार रबी उत्पादन बढ़ने की उम्मीद से फंड और ट्रेड हाउस ने नेट‑लॉन्ग पोज़िशन में कटौती की है, जो स्पॉट और FOB पर भी दबाव के रूप में दिख रहा है।
🌦 मौसम परिदृश्य – IN और MX
भारत – नई दिल्ली और उत्तर भारत (IN)
- मार्च 2026 के पहले दो हफ्तों में दिल्ली में अधिकतम तापमान 35–36°C तक पहुँच चुका है, जो सामान्य से 5–8°C अधिक है; IMD और निजी मौसम सेवाओं के अनुसार 14–16 मार्च के बीच हल्की राहत के बाद भी तापमान सामान्य से ऊपर रहने की संभावना है।
- चना के मुख्य उत्पादन राज्य (मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात) में इस समय प्री‑समर शुष्क और गर्म मौसम सामान्य है; अधिकांश क्षेत्रों में भारी वर्षा या ओलावृष्टि की कोई व्यापक रिपोर्ट नहीं है, जिससे फसल कटाई अपेक्षाकृत सुचारु रहने की उम्मीद है।
- अगले 3–5 दिनों में अत्यधिक वर्षा या ठंड की संभावना कम है; उच्च तापमान के कारण दाने में नमी तेजी से घट सकती है, जिससे किसानों को तेज़ी से कटाई व बिक्री के लिए प्रेरित किया जा सकता है – यह अल्पावधि में मंडी और FOB कीमतों पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है।
मेक्सिको – Sinaloa / मेक्सिको सिटी (MX)
- Culiacán (Sinaloa) क्षेत्र में मार्च के दौरान आम तौर पर गर्म अर्द्ध‑शुष्क जलवायु रहती है; वर्षा सीमित होती है और दिन का तापमान ऊँचा रहता है, जो चना कटाई और सुखाने के लिए अनुकूल है।
- ऐसे मौसम में फसल गुणवत्ता (विशेषकर बड़े दाने वाले कबूली) अच्छी रहने की संभावना है, जिससे निर्यात योग्य ग्रेड की उपलब्धता बेहतर रहती है और FOB ऑफ़र स्थिर से थोड़ा नरम बने रह सकते हैं।
📉 वैश्विक उत्पादन और स्टॉक तुलना (संक्षेप)
| देश / क्षेत्र | भूमिका | हालिया उत्पादन संकेत (MMT) | टिप्पणी |
|---|---|---|---|
| भारत | सबसे बड़ा उत्पादक | ~11.8–13.5 | 2023 में ~13.5 MMT; 2025‑26 में चना ~11.8 MMT अनुमानित, कुल दालों में 40–50% हिस्सा। |
| मेक्सिको | कबूली निर्यातक | ~0.2–0.3 (अनुमानित) | मुख्यतः बड़े दाने वाले कबूली पर फोकस; Sinaloa प्रमुख क्षेत्र। |
| अन्य (तुर्की, ऑस्ट्रेलिया, रूस आदि) | प्रतिस्पर्धी निर्यातक | प्रत्येक ~0.2–1.0 | कुल मिलाकर वैश्विक सप्लाई बेस चौड़ा, जिससे किसी एक देश के उत्पादन झटके का असर कुछ हद तक सीमित। |
📆 3‑दिवसीय क्षेत्रीय मूल्य पूर्वानुमान (INR में, FOB)
नोट: यह पूर्वानुमान 14 मार्च 2026 के आसपास उपलब्ध जानकारी, मौसम और फंडामेंटल पर आधारित है। वास्तविक कीमतें स्थानीय माँग, लॉजिस्टिक और मुद्रा विनिमय दर के अनुसार भिन्न हो सकती हैं।
भारत – नई दिल्ली FOB (IN)
| तारीख | ग्रेड | अनुमानित दायरा (INR/kg, FOB) | रुझान |
|---|---|---|---|
| 16 मार्च 2026 | 42‑44 काउंट, 12 मिमी | 88 – 91 | हल्का नर्म |
| 17 मार्च 2026 | 42‑44 काउंट, 12 मिमी | 87 – 90 | स्थिर से कमजोर |
| 18 मार्च 2026 | 42‑44 काउंट, 12 मिमी | 87 – 91 | रेंज‑बाउंड |
| 16–18 मार्च 2026 | 60‑62 काउंट, 8 मिमी | 77 – 80 | हल्का नर्म, नई फसल दबाव |
मेक्सिको – मेक्सिको सिटी FOB (MX)
| तारीख | ग्रेड | अनुमानित दायरा (INR/kg, FOB) | रुझान |
|---|---|---|---|
| 16 मार्च 2026 | 42‑44 काउंट, 12 मिमी | 118 – 121 | स्थिर से हल्का नर्म |
| 17 मार्च 2026 | 42‑44 काउंट, 12 मिमी | 117 – 120 | हल्का नर्म |
| 18 मार्च 2026 | 42‑44 काउंट, 12 मिमी | 117 – 121 | रेंज‑बाउंड |
| 16–18 मार्च 2026 | 75‑80 काउंट, 8 मिमी | 75 – 78 | स्थिर से हल्का नर्म |
📌 ट्रेडिंग आउटलुक और संक्षिप्त सुझाव
- भारतीय निर्यातक (IN):
- नई फसल की भारी आवक और MSP‑समर्थित फर्श को देखते हुए, अल्पावधि में 42‑44 काउंट पर 88–92 INR/kg FOB के बीच सक्रिय बिक्री पर विचार किया जा सकता है।
- यदि घरेलू मंडी में MSP के ऊपर मजबूत माँग दिखे, तो FOB ऑफ़र में थोड़ी सख्ती रखना संभव है; अन्यथा मेक्सिको और अन्य निर्यातकों से प्रतिस्पर्धा के चलते डिस्काउंट देना पड़ सकता है।
- अंतरराष्ट्रीय खरीदार:
- छोटे दाने (8–9 मिमी) के लिए भारत और मेक्सिको दोनों से ऑफ़र लगभग 76–80 INR/kg के आसपास हैं; गुणवत्ता और लॉजिस्टिक के आधार पर मिश्रित सोर्सिंग रणनीति लागत घटा सकती है।
- बड़े दाने (12 मिमी) के लिए मेक्सिको अभी भी प्रीमियम पर है; यदि गुणवत्ता आवश्यकताएँ लचीली हों, तो भारत से 11–12 मिमी ग्रेड पर छूट मिल सकती है।
- घरेलू प्रोसेसर (भारत):
- MSP के थोड़े ऊपर वर्तमान स्तरों पर 3–6 महीने की कच्चे माल की कवरेज धीरे‑धीरे बढ़ाने की रणनीति उपयुक्त हो सकती है, क्योंकि दीर्घकालिक रूप से दालों की माँग मज़बूत दिखती है।
- हालाँकि, मार्च‑अप्रैल में संभावित भारी आवक के दौरान और भी बेहतर एंट्री स्तर मिल सकते हैं; इसलिए खरीद को चरणबद्ध रखना बेहतर है।


